प्ररूप ‘च’
[देखें धारा 4(3) का परन्तुक, नियम 9(4) और नियम 10(1क)]
अल्ट्रासाउण्ड क्लिनिक
(केन्द्र द्वारा गर्भवती महिला के संबंध में अभिलेख के रख-रखाव
के लिए प्ररूप)
- अल्ट्रासाउण्ड क्लिनिक का नाम और पता:-
- रजिस्ट्रेशन नं.
:-
- मरीज का नाम और उसकी आयु:-
आयु वर्ष (महिला)
- प्रत्येक बच्चे के लिंग के साथ, बच्चों की संख्या:-
- कुल बच्चे लड़के लड़कियाँ
- पति या पिता का नाम:-
- पूरा पता, टेलीफ़ोन नं. के साथ(यदि कोई हो)
- गली/ मोहल्ला
- गाँव तहसील
- जिला (राजस्थान)
- फ़ोन/मोबाइल नं.
- किसके द्वारा रेफ़र किया गया {डॉक्टर का पूरा नाम और पता, (केस पेपर के साथ रेफ़रल नोट
सवधानी पूर्वक परिरक्षित किये जायें)}
i.
डॉक्टर का नाम:-
पूरा पता:-
ii.
स्वयं रेफ़रल
- अंतिम मासिकवृत्ति अवधि/गर्भाधान के सप्ताह
- परिवार में आनुवांशिक/चिकित्सीय बीमारी का इतिहास (विनिर्दिष्ट
करें)
निदान के आधार:
(क) क्लिनिकल
(ख) जैविक-रासायनिक
(ग) साईटो-आनुवांशिक
(घ) अन्य (उदाहरणार्थ, रेडियोलोजिस्ट,
अल्ट्रासोनोग्राफ़ी इत्यादी विनिर्दिष्ट करें)
- प्रसवपूर्व निदान के लिए संकेत
(क) निम्न के साथ पूर्व
बच्चा/बच्चे:
i.
गुणसूत्रीय असमान्यता
ii.
आणविक विकृतियां
iii.
आनुवांशिक विकृतियां
iv.
मानसिक असक्षमता
v.
हीमोग्लोबिनोपेथी
vi.
लिंग से जुङी असामान्यता
vii.
एकल जीन असामान्यता
viii.
कोई अन्य (विनिर्दिष्ट करें)
(ख) एडवांस मेटरनल आयु (35 वर्ष
या अधिक)
(ग) माता/पिता/सहोदर, जिसको आनुवांशिक
बीमारी है (विनिर्दिष्ट करें)
(घ) अन्य (विनिर्दिष्ट करें)
11. की गई प्रक्रियाएं
(स्त्रीरोग विशेषज्ञ/ रेडियोलोजिस्ट/पंजिकृत चिकित्सा व्यवसायी का नाम और
रजिस्ट्रेशन नं.) जिसने
इसे किया:-
नॉन-इन्वेसिव
- अल्ट्रासाउण्ड (प्रयोजन विनिर्दिष्ट करें,जिसके लिए अल्ट्रासाउण्ड गर्भाधान
के दौरान किया जाना है)
प्रयोज़न
- प्रक्रिया की कोई जटिलता (कृपया
विनिर्दिष्ट करें)
- अनुशंसित किए गए लेबोरेट्री टेस्ट:-
(क) गुणसूत्रीय अध्ययन
(ख) जैविक-रासायनिक अध्ययन
(ग) आणविक अध्ययन
(घ) पूर्वरोपण आनुवांशिक निदान
- निम्न का परिणाम
(क) प्रसव पूर्व निदान प्रक्रिया
(विवरण देवें)
(ख) अल्ट्रासोनोग्राफी
सामान्य:- एकल/ जुङवा जीवित भ्रूण
असामान्य
- तिथि जिस पर प्रक्रियाएँ की गई
- तिथि जिस पर सहमति प्राप्त की गई (इनवेजिव के मामले में)
- प्रसव पूर्व निदान प्रक्रिया का परिणाम
को दिनाँक ______________________को सूचित
किया गया।
- क्या एम. टी.
पी. की सलाह दी गई/ एम. टी. पी. की गई?
- तिथि जिस पर एम टी पी की गई।
(पता लगाई गई असामान्यता विनिर्दिष्ट
करें, यदि कोई हों)
तिथि:-
स्थान:-
स्त्री रोग विशेषज्ञ/ रेडियोलॉजिस्ट/ क्लिनिक
के निदेशक का
नाम, हस्ताक्षर और रजिस्ट्रेशन नं.
गर्भवती महिला की घोषणा
मैं श्रीमति (गर्भवती महिला का
नाम) पत्नी / पुत्री श्री
घोषणा करती हूँ कि
अल्ट्रासोनोग्राफी / इमेज स्कैनिंग इत्यादि से गुजरते हुए मैं मेरे भ्रूण का लिंग
नहीं जानना
चाहती हूँ।
गर्भवती
महिला के हस्ताक्षर / अंगूठा निशान
अल्ट्रासोनोग्राफी / इमेज स्कैनिंग करने वाले डॉक्टर / व्यक्ति की घोषणा
मैं __________________________घोषणा करता हूँ कि श्रीमति_______________________
(गर्भवती महिला का नाम) पत्नी / पुत्री श्री___________________पर
अल्ट्रासोनोग्राफी / इमेज स्कैनिंग संचालित करते समय मैंने किसी तरीके से न तो उसके
भ्रूण के लिंग का पता लगाया है, और न ही किसी भी व्यक्ति को उसे प्रकट किया है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ/ रेडियोलॉजिस्ट/ क्लिनिक
के निदेशक का
नाम, हस्ताक्षर और रजिस्ट्रेशन नं.
महत्त्वपूर्ण नोट्स
(i).
अल्ट्रासाउण्ड “ड्यूकीन मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफ़ीलिया-ए और बी
इत्यादि जैसी लिंग से जुङी बीमारियों के निदान के लिए” के अलावा भ्रूण के लिंग को
निर्धारित करने के लिए नहीं दर्शाया गया है / सलाह नहीं दी गई है / संचालित नहीं
किया गया है।
(ii). गर्भाधान के दौरान, अल्ट्रासोनोग्राफ़ी
केवल तब की जानी चाहिए, जब दर्शायी गई हों। गर्भाधान के दौरान अल्ट्रासाउण्ड के
लिए संकेतों की प्रतिनिधि सूची निम्नलिखित है।:-
1.
इन्ट्रा-यूटेराइन और / या एक्टोपिक गर्भाधान का निदान करना और
उसे पुष्ट करना।
2.
गेस्टेशनल आयु का अनुमान (डेटिंग)।
3.
भ्रूणों की संख्या और उनकी कोरियोनिसिटी का पता लगाना।
4.
संदिग्ध गर्भाधान, इन-सिटू आइ यू सी डी के साथ या कॉन्ट्रासेप्टिव
/ एम. टी. पी. असफलता के बाद संदिग्ध गर्भाधान।
5.
वेजाइनल ब्लीडिंग / लीकिंग।
6.
गर्भपात के मामलों का विवरण।
7.
सर्वाइकल केनाल और आंतरिक ऑस के व्यास (डायामीटर) का
निर्धारण।
8.
बच्चेदानी के आकार और गर्भाधान (एमेनॉरिया) की अवधि के मध्य
विरोधाभास।
9.
कोई भी संदिग्ध एडिनेक्सल या युटेराइन पैथॉलॉजी / असामान्यता।
10. गुणसूत्रीय असामान्यताओं,
भ्रूण संरचनात्मक त्रुटियों और अन्य असामान्यताओं और उनके विवरण का पता लगाना।
11. भ्रूण प्रस्तुति और स्थिति
को मूल्यांकित करना।
12. एम्निऑटिक द्रव (Liquor Amnii) का निर्धारण।
13. समय पूर्व प्रसव / समय पूर्व
एम्निऑटिक झिल्लियों का फट जाना।
14. प्लेसेंटल स्थिति, थिकनेस
ग्रेडिंग और असामान्यताओं का मूल्यांकन (यथा प्लेसेन्टा प्रीविया,
रिट्रोप्लेसेन्टल हेमरेज़, असामान्य एडहेरेन्स इत्यादि)।
15. अम्बिलाइकल कॉर्ड का
मूल्यांकन- प्रस्तुति, जुङाव, नक्कल एनसर्कलमेंट, वैसेल की संख्या और पूर्ण गाँठ (True Knot) की उपस्थिति।
16. पूर्व सीज़ेरियन सेक्शन के
स्कार (निशान) का मूल्यांकन।
17. भ्रूण ग्रोथ पैरामीटर्स,
भ्रूण भार एवं भ्रूण की तन्दुरूस्ती (Foetal
wellbeing) का
मूल्यांकन।
18. कलर फ्लो मैपिंग और ड्यूप्लेक्स
डॉपलर स्टडीज़।
19. अल्ट्रासाउण्ड गाइडेड
प्रक्रियाएं जैसे गर्भाधान का चिकित्सकीय समापन (M.T.P.),
बाहरी सिफेलिक वर्ज़न इत्यादि और उनका विवरण।
20. डायग्नॉस्टिक और थेरेप्युटिक
इन्वेज़िव इन्टर्वेंशन के समीप जैसे कोरियोनिक विल्लाइ सेम्पलिंग (C.V.S.) एम्नियोसेन्टेसिस, भ्रूण रक्त सेम्पलिंग, भ्रूण त्व्चा
बायॉप्सी, एम्नियो-इंफ्यूज़न, प्लेसमेन्ट ऑफ़ शन्ट्स इत्यादि।
21. इन्ट्रा-पार्टम घटनाओं का अवलोकन।
22. गर्भावस्था को जटिल करने
वाली मेडिकल / सर्जिकल दशाएँ।
23. अधिकृत संस्थानों में
अनुसंधान / वैज्ञानिकी अध्ययन।
गर्भवती
महिला पर अल्ट्रासोनोग्राफी करने वाला व्यक्ति प्ररूप ‘च’ में क्लीनिक / केन्द्र
में उसका पूर्ण अभिलेख रखेगा और उसमें पाई गई कोई भी कमी या अयथार्थता, अधिनियम की
धारा 5 या धारा 6 के प्रावधानों के उल्लंघन में परिणामित होगा, जब तक कि ऐसी अल्ट्रासोनोग्राफी
करने वाले व्यक्ति के द्वारा प्रतिकूलता साबित नहीं की जाए।
No comments:
Post a Comment